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बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण हाजिर हों! झूठे विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने थमाया अवमानना नोटिस, कहा- परिणाम भुगतने होंगे

Supreme court notice to baba ramdev: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद मामले में बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है।
Written by: Naina Gupta
Updated: March 19, 2024 11:35 IST
बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण हाजिर हों  झूठे विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने थमाया अवमानना नोटिस  कहा  परिणाम भुगतने होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है।
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baba ramdev: मंगलवार (19 मार्च 2024) को सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि मामले (बीमारियों के इलाज वाले भ्रामक विज्ञापन का मामला) में सुनवाई करते हुए बाबा रामदेव को अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने बाबा रामदेव को दो सप्ताह के बाद कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने रामदेव के साथ-साथ पतंजलि आयुर्वेद के एमडी आचार्य बालकृष्ण को भी तलब किया है। कोर्ट में हाजिर ना होने पर नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके परिणाम भुगतने होंगे।

कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के कथित झूठे दावे वाले विज्ञापन को लेकर यह ऑर्डर सुनाया है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु रामदेव को नोटिस जारी कर अदालत में बुलाया था। 27 फरवरी 2024 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर बालकृष्ण और रामदेव से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था। इसके साथ ही भ्रामक विज्ञापन पर रोक भी लगा दी थी। लेकिन रामदेव और बालकृष्ण की तरफ से कोई जवाब अदालत को नहीं मिला।

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कोर्ट में क्या-कुछ हुआ?

सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों के वकील मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के वकील मुकुल से पूछा कि आपने अभी तक जवाब क्यों दाखिल नहीं किया। अब आपके मुवक्किल को अदालत में पेश होने के लिए कहेंगे। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब हम रामदेव को भी पक्षकार बनाएंगे और दोनों को अदालत में पेश होने को कहेंगे।

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आयुष मंत्रालय को भी फटकार

इसके साथ शीर्ष अदालत ने आयुष मंत्रालय को भी फटकार लगाई और पूछा कि एक दिन पहले जवाब दाखिल क्यों नहीं किया गया।

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सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने अदालत को बताया कि उन्हें जवाब के लिए व नए हलफनामे को लेकर और समय चाहिए। अदालत ने रामदेव को भी नोटिस जारी किया। और पूछा कि क्यों न कोर्ट की अवमानना के तहत मुकदमा चलाया जाए।

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में कहा गया था कि पतंजलि आयुर्वेद के विज्ञापनों में अपने प्रोडक्ट्स के जरिए एलोपैथिक दवा जैसा प्रभाव का झूठा दावा किया जा रहा है।

बता दें कि रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को अपने उत्पादों के बारे में किए गए दावे और उनके औषधीय प्रभाव का दावा करने वाले बयानों को लेकर इससे पहले (27 फरवरी 2024) को कड़ी फटकार लगाई थी।

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