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Income tax filing: इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय इन गलतियों से बचें, वरना मिल सकता है नोटिस

ITR Filing: अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय उन गलतियों से बचें, जो आपकी परेशानियां बढ़ा सकती हैं. साथ ही रिटर्न फाइल करने के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन का इंतजार न करें.
Written by: Viplav Rahi
Updated: June 18, 2024 19:59 IST
income tax filing  इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय इन गलतियों से बचें  वरना मिल सकता है नोटिस
ITR filing : वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। (Image : Pixabay)
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Mistakes to avoid during ITR filing : वित्त वर्ष 2023-24 (असेसमेंट इयर 2024-25) के लिए आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कई टैक्स पेयर्स को आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करना एक मुश्किल काम लगता है, लेकिन थोड़ी तैयारी करें तो आप इस प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं। यहां हम उन बातों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें ध्यान में रखने पर आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना काफी सरल हो जाएगा। साथ ही आप रिटर्न फाइल करते समय होने वाली आम गलतियों से भी बच पाएंगे।

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 1. फॉर्म 16 और फॉर्म 26AS में दी गई जानकारी को वेरिफाई करें 

आयकर रिटर्न भरने की प्रॉसेस को शुरू करने से पहले, सबसे पहले आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर लॉगिन करके अपना फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) डाउनलोड करें। इसके बाद यह चेक करें कि इस फॉर्म में दिए गए विवरण आपके फॉर्म 16 और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से मेल खाते हैं। इनमें किसी तरह का मिस-मैच यानी विसंगति हुई तो आपको आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है।

2. सही ITR फॉर्म चुनकर पूरा डिस्क्लोजर दें 

गलत ITR फॉर्म का उपयोग करना आपके लिए दिक्कत की वजह बन सकता है। फॉर्म सही नहीं हुआ तो आप कई ऐसी जानकारियां नहीं दे पाएंगे, जिन्हें देना आपके लिए जरूरी है। ऐसा होने पर आपको पूरी जानकारी नहीं देने के आरोप में नोटिस मिल सकता है। AIS और फॉर्म 26AS आपके सभी लेन-देन को ट्रैक करते हैं, इसलिए शेयरों या म्यूचुअल फंड की बिक्री से होने वाली किसी भी अघोषित आय पर ध्यान दिया जाएगा। इसलिए अगर आपने पिछले वित्त वर्ष के दौरान कैपिटल गेन यानी पूंजीगत लाभ कमाया है, लेकिन आप ITR-2 की जगह  ITR-1 के साथ फाइल कर देते हैं, तो आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हर हाल में यह पक्का कर लें कि आपने अपनी वित्तीय स्थिति के हिसाब से सही फॉर्म चुना है।

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3. डिडक्शन का क्लेम सही ढंग से करें

ऐसे किसी भी डिडक्शन के लिए क्लेम करने से बचें, जिसके लिए आप एलिजिबल नहीं हैं। संदिग्ध क्लेम का पता लगाने के लिए आयकर विभाग आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसलिए अगर कोई क्लेम गलत ढंग से किया गया, तो नोटिस मिल सकता है और जुर्माना देने की नौबत भी आ सकती है।

4. डिडक्शन के दस्तावेजों को संभालकर रखें 

आपने जो भी डिडक्शन क्लेम किए हैं, उनसे जुड़े जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखें। खास तौर पर अगर आपने ओल्ड टैक्स रिजीम को चुना है, तो ऐसा करना और भी जरूरी है। फॉर्म 16 और आपके ITR में किसी भी तथ्य के बेमेल होने पर आपको नोटिस मिल सकता है। और ऐसा होने पर अपने क्लेम के वेरिफिकेशन के लिए आपको इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी।

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5. पिछले एंप्लॉयर से मिले वेतन का खुलासा करें

अगर आपने पिछले वित्त वर्ष के बीच में नौकरी बदली है, तो आपके पास दो फॉर्म 16 होने चाहिए। किसी गड़बड़ी से बचने के लिए दोनों एंप्लॉयर से मिले वेतन की पूरी जानकारी आईटीआर में दें और अगर कैलकुलेशन के बाद अगर कोई टैक्स देनदारी बनती हो, तो उसे जमा कर दें। अगर ऐसा नहीं किया तो आयकर विभाग आपको नोटिस दे सकता है।

6. विदेशी संपत्तियां हों तो उनका खुलासा करें

यदि आपने विदेश में काम किया है और आपके पास विदेशी बैंक खाते, शेयर या अन्य संपत्तियां हैं, तो इन्हें अपने ITR और शेड्यूल FA में जरूर बताएं। ऐसा न करने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और ब्लैक मनी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

7. समय रहते फाइल कर दें रिटर्न

आयकर रिटर्न भरने के लिए आखिरी समय की भागदौड़ से बचें। अगर आप रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया डेडलाइन से कई दिनों पहले शुरू कर देंगे, तो अचानक किसी दस्तावेज की कमी पड़ने या आखिरी वक्त में आयकर विभाग की वेबसाइट के क्रैश होने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। आखिरी वक्त में अगर ऐसी दिक्कतें आईं तो आप 31 जुलाई की डेडलाइन से चूक सकते हैं, जिसके चलते लेट फीस समेत कई दिक्कतें आ सकती हैं।

8. रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें 

ITR रिटर्न फाइल करने के बाद टैक्सपेयर को उसका ई-वेरिफिकेशन भी करना होता है। इसके लिए आप अपने आधार, प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। ई-वेरिफिकेशन का काम 30 दिनों में पूरा करना जरूरी है। वैसे भी आप यह काम जितनी जल्दी पूरा करेंगे आपका रिफंड भी उतनी ही जल्दी जेनरेट होगा।

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