scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Horlicks नहीं रहा अब 'हेल्थ ड्रिंक', सरकार ने कसा शिकंजा तो कंपनी ने बदल डाली कैटेगरी, जानें पूरा मामला

Horlicks is not health drink: हॉर्लिक्स को कंपनी ने अब 'हेल्थ ड्रिंक' कैटेगरी से बाहर कर दिया है। जानें इनके बारे में...
Written by: Naina Gupta | Edited By: Naina Gupta
April 25, 2024 17:14 IST
horlicks नहीं रहा अब  हेल्थ ड्रिंक   सरकार ने कसा शिकंजा तो कंपनी ने बदल डाली कैटेगरी  जानें पूरा मामला
Horlicks is not health drink: हॉर्लिक्स को अब हेल्दी कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है।
Advertisement

Horlicks is not health drink: एनर्जी पेय हॉर्लिक्स से अब 'हेल्दी ड्रिंक' का तमगा हटा लिया गया है। जी हां, हॉर्लिक्स की कैटिगरी को बदल दिया गया है। देश में Hindustan Unilever Ltd (HUL) के पास कई 'health drinks' जैसे Horlicks और Boost हैं। अब कंपनी अब कंपनी ने Horlics की कैटेगरी को 'health food drinks' की जगह अब 'functional nutritional drinks' (FND) कैटेगरी में रखा गया है। स्पष्ट शब्दों में कहें तो अब हॉर्लिक्स 'हेल्दी' नहीं रह गया है।

बता दें कि यह फैसला कंपनी ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से 'healthy drinks' कैटेगरी से कई पेय पदार्थों को हटाने का आदेश दिया था।

Advertisement

Indian Railways Update: लोकसभा चुनाव के लिए रेलवे ने किया स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, जानें क्या है नंबर, रूट और शेड्यूल

HUL ने बदली कैटेगरी

24 अप्रैल को हिंदुस्तान यूनिलिवर लिमिटेड (HUL) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर रितेश तिवारी ने यह जानकारी शेयर की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बदलाव से हमारे प्रोडक्ट की कैटेगरी के बारे में ज्यादा सटीक और पारदर्शी जानकारी मिलेगी।

HUL के मुताबिक, 'functional nutritional drinks' कैटेगरी में लोगों में प्रोटीन की कमी और पोषक तत्वों की कमी पूरे करने वाले ड्रिंक होते हैं। इस कैटेगरी में कोई भी नॉन-एल्कोहोलिक पेय पदार्थ शामिल हो सकता है जिसमें प्लांट, एनिमल, मरीन या माइक्रोऑर्गनिज्म सोर्स से कोई बायोएक्टिव कंपोनेंट मिला हो।

Advertisement

Bank Holidays: क्या आपके शहर में भी कल सरकारी छुट्टी? जानें किन-किन जगहों पर अगले तीन दिन नहीं खुलेंगे बैंक, चेक करें पूरी लिस्ट

Advertisement

बोर्नविटा भी हेल्थ ड्रिंक नहीं

बता दें कि हाल ही में फूड फार्मर नाम के एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने लोगों का ध्यान उस समय आकर्षित किया था जब बोर्निविटा (Bournvita) में हाई शुगर होने की बात कही गई थ। इसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को जांच के आदेश दिए गए और अब कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स की कैटेगरी बदलनी पड़ी है।

Advertisement
Tags :
Advertisement
Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा एजुकेशन समाचार (Education News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो