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Budget 2024: सरकार का किन शब्दों पर रहेगा फोकस, आपके सामने पेश है बजट की ABCD

पहला भारतीय बजट 1860 में स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने प्रस्तुत किया था। स्वतंत्र भारत में पहला बजट 26 नवंबर 1947 को वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया था।
Written by: Udit Misra | Edited By: Nitesh Dubey
नई दिल्ली | Updated: January 27, 2024 20:22 IST
budget 2024  सरकार का किन शब्दों पर रहेगा फोकस  आपके सामने पेश है बजट की abcd
निर्मला सीतारमन 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। (Reuters Photo)
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देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी। इसी साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं इसलिए यह बजट वोट-ऑन-अकाउंट होने वाला है। संभावना जताई जा रही है कि उनका बजट भाषण उनके पांच बजट या पिछले बजट की उपलब्धियों पर केंद्रित होगा। उम्मीद है कि इस बजट में किसानों के लिए भी काफी कुछ होगा। सरकार ने वादा किया था कि भारत में 2016 और 2022 के बीच किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। हो सकता है कि बजट में इस पर कुछ बातें हों।

पहला भारतीय बजट 1860 में स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने प्रस्तुत किया था। स्वतंत्र भारत में पहला बजट 26 नवंबर 1947 को वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया था।

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A: एस्पिरेशनल

बजट में एस्पिरेशनल शब्द का प्रयोग जरूर होगा। मोदी सरकार लगातार इस शब्द का प्रयोग अपनी योजनाओं में भी करती है।

B: बेनिफिट

सभी प्रकार की Economic Welfare Schemes का जिक्र करने के लिए 'बेनिफिट' शब्द का उपयोग करने के राजनीतिक महत्व को बहुत कम लोग समझते हैं।

C: टेक-ऑफ

बजट में सरकार की ओर से बताया जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था उन्नति के शिखर पर है। सरकार का दावा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था (जो कोविड महामारी के कारण तेजी गिर रही थी) काफी तेजी से आगे बढ़ रही है।

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D: विकास

डी से शुरू होने वाले कई शब्द हैं जो भाषण में शामिल हो सकते हैं। आख़िरकार भारत 'लोकतंत्र की जननी' होने के अलावा अब 'father of Demography' भी है। लेकिन यह विकास ही है जो भाषण में सबसे आगे रहेगा। नीति-निर्माण को प्रभावित करने वाले कुछ क्षेत्रों में विश्वसनीय डेटा सरकार द्वारा पेश किया जा सकता है।

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E: सशक्त

युवा आबादी के लिए शिक्षा सबसे स्पष्ट विकल्प होगा, लेकिन शिक्षा की नई वार्षिक रिपोर्ट के निष्कर्ष भी अच्छे हैं। रोजगार को लेकर निराशा हो सकती है क्योंकि जो नौकरियां पैदा हो रही हैं वे खराब गुणवत्ता की हैं और उन क्षेत्रों में हैं जहां मजदूरी लंबे समय से स्थिर है। हालांकि कोई भी सरकार हमेशा अच्छा दिखने वाला डेटा पेश करेगी।

F: फिसिकल डेफिसिट

राजकोषीय घाटे यहां सरकार को परेशान करेगा। यदि वित्त मंत्री केवल एक वाक्य बोल सकती हैं, तो यह राजकोषीय घाटे के बारे में होना चाहिए। हालांकि एनडीए सरकार राजकोषीय घाटे के GDP के 3% के मानदंड को पूरा नहीं कर रही है। चालू वर्ष के लिए लक्ष्य 5.9% है।

G: गरीब

प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा अपने भाषणों में गरीब का जिक्र किया है। बजट भाषण में इसका जिक्र किए जाने की बहुत संभावना है। जीडीपी वृद्धि, जी-20, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स, गिफ्ट सिटी, जीएसटी, गौ माता और सुशासन का जिक्र सरकार कर सकती है।

H: हेल्थकेयर

सरकार ग्लोबल हैंगर इंडेक्स से असहमत है। सरकार 80 करोड़ भारतीयों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराती है जो कि अमेरिका, इंडोनेशिया और पाकिस्तान की कुल आबादी है। ऐसे में सरकार संसद में विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी।

I: इसरो

असमानता, महंगाई, बुनियादी ढांचा के सवालों के बीच सरकार इसरो की उपलब्धि का जिक्र कर सकती है।

J: जन आंदोलन

JAM मतलब जन-धन, आधार और मोबाइल है - जो भारत में हो रही डिजिटल क्रांति का आधार है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भी है। यह एक ऐसी योजना है जो ग्राहकों को केवल 436 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का टर्म लाइफ कवर प्रदान करती है। ऐसे में सरकार इसको लेकर कुछ और बड़ा ऐलान कर सकती है।

K: कर्त्तव्य काल

K पॉइंट सरकार में बैठे लोगों के लिए सबसे अधिक परेशान करने वाला पॉइंट हो सकता है। जैसे ही अर्थव्यवस्था कोविड महामारी से बाहर आई सरकार और उसके आलोचकों के बीच सुधार के आकार को लेकर ज़बरदस्त खींचतान चल रही थी।

L: लाभार्थी

बीजेपी की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय लाभार्थी शब्द को जाता है। लाभार्थियों का मतलब वो जो सरकार की किसी न किसी योजन का लाभ उठा रहे हैं। उज्ज्वला से लेकर पीएम आवास योजना तक, स्वास्थ्य बीमा से लेकर मुफ्त राशन तक, ये एक नए वोटिंग ब्लॉक के रूप में उभरे हैं।

M: मोदी की गारंटी

मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग बूम, सरकारी संपत्तियों का मुद्रीकरण, भारत के छोटे और सूक्ष्म उद्यमों के लिए मुद्रा लोन, मध्यम वर्ग के लिए टैक्स में कटौती, एमएसपी में वृद्धि और उन्हें भारतीय किसानों के लिए एक विश्वसनीय सुरक्षा जाल में बदलना। M पॉइंट में काफी ऐसे शब्द आते हैं, जिसे सरकार मोदी की गारंटी बताती है।

N: नारी शक्ति

यह उन चार जातियों में से तीसरी है, जिनका प्रधानमंत्री मोदी रैलियों में जिक्र करते हैं। नारी शक्ति एक ऐसा शब्द है जिसके बजट में शामिल होने की सबसे अधिक संभावना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने भारत की संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में पहला कदम पहले ही उठा लिया है। हालांकि वास्तव में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई और कदम उठाने की आवश्यकता है। पीएम मोदी का 'नेशन फर्स्ट' का मंत्र भी है।

O: ओडीएफ++

अक्टूबर 2019 में देश ने पीएम के आह्वान का जवाब दिया और देश खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया। देश को ओडीएफ+ घोषित करने के लिए मानक ऊंचा किया गया। इसके लिए आवश्यक था कि दिन के दौरान किसी भी समय किसी को भी खुले में शौच और/या पेशाब करते हुए नहीं पाया जाना चाहिए और सभी सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय को अच्छी तरह से बनाए और रखे जाने चाहिए। सितंबर 2023 तक 75% गांव ओडीएफ+ के अनुरूप थे। अगला लक्ष्य ओडीएफ++ है, जिसके लिए सभी सीवेज को ठीक से संचालित करने के लिए जगह की आवश्यकता है।

P: पंच प्राण

किसी देश के नारे सबसे अच्छी तरह दर्शाते हैं कि उसने कैसे प्रगति की है और वह कहां खड़ा है। बजट में नागरिकों को पिछले साल पीएम मोदी द्वारा जिक्र किये गए पंच प्राण (पांच संकल्प) की याद दिलाने की संभावना है। गुलामी की मानसिकता को त्यागना, अपनी परंपराओं पर गर्व करना, भारत की एकता के लिए जीवन समर्पित करना और एक भावना जागृत करना ही इसका लक्ष्य है।

Q: क्यूआर कोड

2016 में भारत में पहला क्यूआर कोड पेश किए जाने के बाद से कथित तौर पर 50 मिलियन से अधिक क्यूआर कोड डिजाइन किए गए हैं। सरकार इसका उपयोग अपनी निगरानी में तकनीकी परिवर्तन की गति के बारे में बात करने के लिए कर सकती है।

R: राम और रेलवे स्टॉक

बजट एक निर्धारित भाषा में लिखे जाते हैं। उदाहरण के लिए, राजस्व हमेशा जुटाया जाता है। सड़कें, रोज़गार मेले और रोटियों का जिक्र हमेशा होता है लेकिन ऐसा लगता है कि केवल दो चीज़ें ही पाठक का ध्यान आकर्षित करने लायक हैं वह राम और रेलवे स्टॉक।

S: स्लोगन

इस कथन में कई शब्द आ सकते हैं। श्रेष्ठ भारत, सॉफ्ट-पावर, श्रमेव जयते, स्मार्ट सिटी, स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और अन्य। लेकिन ये ऐसे नारे हैं जिन पर हर किसी को नजर रखनी होगी। ठीक उसी तरह जैसे 2021 में आत्मनिर्भर भारत था।

T: ट्रिलियन डॉलर

भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। भारत 2047 तक एक विकसित देश बनना चाहता है। इस लक्ष्य के कारण अलग-अलग लोग भारत की भविष्य की जीडीपी के अलग-अलग अनुमान दे रहे हैं। क्या 2047 तक भारत की जीडीपी $35 से $40 ट्रिलियन होगी? ऐसी दुनिया में जहां अगले 12 महीनों में GDP की वृद्धि दर पर कोई आम सहमति बनाना काफी कठिन है, ऐसे में वित्त मंत्री का भाषण काफी महत्वपूर्ण होगा।

U: अर्बनाइजेशन (Urbanisation)

इस सरकार के प्रमुख वादों में से एक असंगठित क्षेत्र को कम करना है और संगठित क्षेत्र के दायरे का विस्तार करना है। इस मामले में सरकार कितनी सफल रही है, इस पर कुछ स्पष्टता की उम्मीद बजट से है। यूपीआई की भूमिका और इसने कैसे भारत को कई विकसित देशों से आगे निकलने में मदद की है, इस पर चर्चा होने की संभावना है।

V: विकसित भारत

वंदे भारत को विकसित भारत द्वारा पोस्ट किए जाने की संभावना है क्योंकि यह एक ऐसी ट्रेन है जिसे हमारे भौतिक ब्रह्मांड में चलने की जरूरत है जबकि बाद वाला एक विचार है। विकसित देश बनने का लक्ष्य - विकसित भारत - अब अगले 25 वर्षों का केंद्रीय लक्ष्य है। भारत इसे कैसे हासिल करना चाहता है, इस पर और अधिक सुनने की उम्मीद है। इसमें टीकों के वैश्विक वितरण में भारत की अग्रणी भूमिका का जिक्र होगा.

W: वेलफेयर बनाम वेल्थ क्रिएशन

भारत में बहुत अधिक वेल्थ क्रिएशन हो रहा है लेकिन औसत व्यक्ति की मजदूरी स्थिर है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अधिकांश वेल्थ क्रिएशन कम संख्या में लोगों के पास जमा होता है जबकि बड़ी संख्या में श्रमिक लगातार गिरती क्रय शक्ति के साथ जीवित रहते हैं। सरकार वेलफेयर पर जितना अधिक खर्च करती है, उसे वेल्थ क्रिएशन की दिशा में उतना ही कम निवेश करना पड़ता है।

X: एक्स-चेंज रेट

भारत के लिए दो उभरती चिंताएँ हैं। एक है इसके निर्यात का प्रदर्शन और दूसरा मुद्दा अमेरिकी डॉलर जैसी अन्य मुद्राओं के साथ रुपये का गिरना है। इसके गिरने से निर्यातकों को मदद मिलती है लेकिन स्थिति खराब होने से राजनीतिक समस्या भी पैदा हो सकती है।

Y: युवा

पीएम ने जिन जातियों की बात की, उनमें युवा भी है। युवाओं की आबादी के कारण ही भारत को लेकर दुनियाभर के लोग इसकी ग्रोथ स्टोरी की चर्चा कर रहे हैं। लेकिन अकेले युवा मदद नहीं करेंगे। पाकिस्तान की औसत आयु 21 वर्ष से कम है यानी भारत से सात वर्ष कम।

Z: जीरो

जीरो-बजट खेती बजट निर्माताओं का पसंदीदा विषय है। ऐसे में इसको लेकर बजट में कोई ऐलान हो सकता है।

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