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नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी को लपेटा? भीम संसद में याद दिलाया 2005 से पहले का बिहार

Nitish Kumar के मन में क्या है ये कोई नहीं जानता। रविवार को उन्होंने भीम संसद के दौरान 2005 से पहले के बिहार का जिक्र कर सभी को चौंका दिया।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: Yashveer Singh
Updated: November 27, 2023 14:05 IST
नीतीश कुमार ने लालू राबड़ी को लपेटा  भीम संसद में याद दिलाया 2005 से पहले का बिहार
नीतीश कुमार ने कहा कि उनके शासन में बिहार में शासन सुधरा है (Twitter/NitishKumar)
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नीतीश कुमार ने रविवार को पटना में भीम संसद में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर से उठाई। कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने 2005 से पहले की बात कर सभी को चौंका दिया। उन्होंने भीम संसद के दौरान 2005 से पहले के बिहार की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि हमने बहुत काम किया है।

नीतीश कुमार ने कहा कि साल 2005 में उनकी सरकार बनने से शाम को कई घर से बाहर घूमता था क्या? उन्होंने कहा कहा, जब हम आए तो सब सही किया। अब देर रात भी लोग बिना डरे घूमते हैं। माहौल बदल गया है, अब महिलाएं और लड़कियां भी रात में घर से बाहर निकलती हैं।

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बिहार के लिए फिर मांगा विशेष राज्य का दर्जा

नीतीश कुमार ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे दिया जाए तो जातीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष के मुताबिक, हर गरीब परिवार को रोजगार के लिए दो लाख रुपये की सहायता राशि देने के काम दो वर्ष में पूरा हो जायेगा।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में भीम राव आंबेडकर के सम्मान में संविधान दिवस के मौके पर अपनी पार्टी द्वारा आयोजित "भीम संसद" कार्यक्रम में कहा, "हम समाजवादी राम मनोहर लोहिया के अनुयायी हैं, जिनका आंबेडकर के साथ घनिष्ठ संबंध था। हमलोग अपनी पार्टी के कार्यालय में महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, लोकनायक जय प्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र को लगाये हुए हैं। इन्हीं लोगों के विचारों पर हमलोग चल रहे हैं।"

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नीतीश कुमार के भाषण की बड़ी बातें

  1. उन्होंने कहा कि बिहार में जाति आधारित गणना के साथ-साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वे में सामने आए हर गरीब परिवार को दो लाख रुपये का अनुदान दिया जायेगा ताकि वे लोग अपना नया काम शुरु कर सकें।
  2. नीतीश कुमार ने कहा, "इस पर दो लाख 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। हमलोग इसे पांच वर्ष में प्रति वर्ष 50 हजार करोड़ रुपया खर्च कर पूरा करेंगे लेकिन अगर केंद्र सरकार बिहार का विशेष राज्य का दर्जा दे दे तो यह काम दो वर्ष में पूरा हो जायेगा। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए हमलोग अभियान चलायेंगे।"
  3. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजना में 60% राशि केंद्र सरकार की जबकि 40% राज्य सरकार की राशि लगती है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार उसको अपनी योजना बताती है।
  4. कार्यक्रम कवर करने आए पत्रकारों की ओर मुखातिब होते हुए नीतीश कुमार ने कहा, "मैं आप लोगों से भी आग्रह करता हूं कि आप बिहार को विशेष दर्जा देने की मेरी मांग का समर्थन करें क्योंकि इससे समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा।" उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि आप पूरी आजादी के साथ काम करने में असमर्थ हैं। चिंता न करें। एक बार जब हम केंद्र में मौजूदा शासन से छुटकारा पा लेंगे तो आप अपनी अंतरात्मा के अनुसार अपनी कलम चलाने में सक्षम होंगे।" (भाषा इनपुट के साथ)
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