scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

Lok Sabha Election 2024: 17 सीटों पर अड़ी JDU, कांग्रेस ने लालू की पार्टी को दिया यह सुझाव, इस फॉर्मूले की हो रही सबसे ज्यादा चर्चा

INDIA गठबंधन में शामिल जेडीयू-आरजेडी भी 17-17 सीट से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं।
Written by: न्यूज डेस्क | Edited By: shruti srivastava
नई दिल्ली | Updated: January 12, 2024 14:30 IST
lok sabha election 2024  17 सीटों पर अड़ी jdu  कांग्रेस ने लालू की पार्टी को दिया यह सुझाव  इस फॉर्मूले की हो रही सबसे ज्यादा चर्चा
इंडिया गठबंधन (ANI PHOTO)
Advertisement

लोकसभा चुनाव 2024 कुछ ही महीने बचे हैं। इस समय विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA के लिए सबसे बड़ी चुनौती सीट शेयरिंग को अंतिम रूप देना है। कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए सीट-बंटवारे पर सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। बिहार में लालू यादव की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) हो या नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोई भी सीटों के मामले में पीछे हटने को तैयार नजर नहीं आ रहा है।

जेडीयू ने कहा है कि वह बिहार में 17 से कम सीटों पर समझौता नहीं करेगी। बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर कहा जा रहा है कि महागठबंधन के सहयोगी 17:17:05:01 फॉर्मूले पर विचार कर रहे हैं। जिसमें आरजेडी और जेडीयू को 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। कांग्रेस को पांच और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को एक सीट मिल सकती है। गौरतलब है कि बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं।

Advertisement

JDU कर रही 17 सीटों की मांग

जेडीयू नेता और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि बिहार में पार्टी के पास पहले से ही 16 सीटों पर सांसद हैं। उन्होंने कहा, "हम 17 सीटों से कम पर समझौता नहीं करेंगे। राज्य में हमारे पास पहले से ही 16 मौजूदा सांसद हैं।" चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार राज्य में काफी लोकप्रिय हैं और वह जहां भी होंगे, गठबंधन को ताकत मिलेगी। तमाम अटकलों के बीच यह भी चर्चा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह के दिन राज्य विधानसभा को भंग कर सकते हैं और कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव में 16 सीटों पर मिली थी जेडीयू को जीत

2019 के लोकसभा चुनाव में, जेडीयू ने एनडीए के हिस्से के रूप में भाजपा से हाथ मिलाया था। JDU ने जिन 17 सीटों पर चुनाव लड़ा उनमें से 16 पर जीत हासिल की और भाजपा ने सभी 17 सीटों पर जीत हासिल की। एनडीए की एक अन्य सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को छह सीटें मिलीं थीं जबकि कांग्रेस ने किशनगंज की एकमात्र सीट जीती। आरजेडी को कोई भी सीट नहीं मिली थी।

जेडीयू के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने कहा कि उनके मौजूदा सांसदों को परेशान नहीं किया जाएगा और पार्टी 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी 23 सीटों पर कांग्रेस और वाम दलों को समायोजित करने की जिम्मेदारी राजद पर है। वहीं, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने दोनों प्रमुख सहयोगियों को सुझाव दिया, “जेडीयू और आरजेडी को 15-15 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि अगर हमें लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ना है तो इंडिया ब्लॉक से जुड़े हर राजनीतिक दल को लचीला होना होगा।

Advertisement

बिहार में सीटों का बंटवारा जल्द

अखिलेश सिंह ने कहा कि बिहार में सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा जल्द ही किया जाएगा। वहीं, वामपंथी दलों, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और सीपीआई (एमएल) ने भी अपनी मांगें रखी हैं। सूत्रों ने बताया कि सीपीआई महासचिव डी. राजा पिछले दो दिनों से पटना में राजद और जदयू नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और पार्टी के लिए बेगूसराय सीट चाहते हैं।

इसी तरह, सीपीआई (एमएल) आरा, सीवान और जहानाबाद की मांग कर रही है, लेकिन कहा जा रहा है कि महागठबंधन नेता पार्टी के लिए केवल आरा आवंटित करने पर सहमत हुए हैं। पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने कहा, “हमारा प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राजद नेता तेजस्वी यादव से मिलेगा क्योंकि हम कुछ दिन पहले उनके पिता लालू प्रसाद से मिले थे। हम कुछ समझौतों के लिए तैयार हैं, लेकिन सीट-बंटवारा सम्मानजनक होना चाहिए और मतदाताओं को सही संदेश देना चाहिए।”

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो