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शराबबंदी होने के बावजूद बिहार में धड़ल्‍ले से रोजाना हो रही शराब की तस्‍करी

शराबबंदी के बाद शराब पीने और तस्करी करने के आरोप में 9 लाख 70 हजार लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है।
Written by: गिरधारी लाल जोशी | Edited By: Bishwa Nath Jha
Updated: October 11, 2023 14:29 IST
शराबबंदी होने के बावजूद बिहार में धड़ल्‍ले से रोजाना हो रही शराब की तस्‍करी
मंगलवार को नवगछिया में पकड़ी गई अवैध शराब। फोटो- (इंडियन एक्‍सप्रेस)।
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शराब बंदी होने के बावजूद बिहार में रोजाना देसी-विदेशी शराब बरामद हो रही है। मंगलवार को नवगछिया पुलिस ने 463 लीटर शराब बरामद की। वहां के एसपी सुशांत कुमार सरोज ने बताया कि ये शराब तीन थाना क्षेत्रों से पुलिस ने बरामद की है। बिहार में 5 अप्रैल 2016 से शराब बंदी है। तब से लेकर अगस्त 2023 तक पूरे राज्य में 2 करोड़ 69 लाख लीटर शराब बरामद हो चुकी है। अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जेएस गंगवार ने पत्रकारों को बताया कि शराबबंदी के दौरान 36 शराब विक्रेता से 33.9 करोड़ रुपए की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमएलए कानून के तहत कार्रवाई करते हुए जब्त की है।

ज्ञात हो कि शराबबंदी के बाद शराब पीने और तस्करी करने के आरोप में 9 लाख 70 हजार लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। वहीं अपर पुलिस महानिदेशक गंगवार कहते हैं कि 11 राज्यों (इसमें नेपाल भी शामिल है) से 11272 अवैध शराब के तस्‍करों को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें यूपी अव्वल है। जहां से चार हजार अवैध कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद झारखंड है, जहां से तीन हजार गिरफ्तारी की गई है। एक हजार अवैध कारोबारियों को नेपाल और पंजाब के लुधियाना से दबोचा गया है।

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अधिकारी बताते हैं कि 99 हजार वाहन शराब ढोने के आरोप में जब्त की गई है। इनमें से 69 हजार गाड़ियों की नीलामी की गई है। करीब आठ हजार वाहनों से जुर्माना वसूल कर छोड़ा गया है। ध्यान रहे कि अप्रैल 2022 में शराबबंदी कानून में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया कि गाड़ी जब्त करने की बजाए जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया जाए। इसके बाद से जुर्माना वसूला जा रहा है।

दिलचस्प है कि बरामद अवैध शराब में ज्यादातर यानी 80-85 फीसदी शराब नकली है। ऐसा प्रयोगशाला में जांच के बाद पता चला है। बिहार में पटना के कुम्हरार में इकलौती प्रयोगशाला है। जहां पूरे बिहार से जब्त शराब की जांच के लिए नमूने भेजे जाते हैं। बताते हैं कि जांच में यहां रोजाना डेढ़ सौ नमूनों की जांच ही हो पाती है। इसमें से ज्यादातर यानी 120-125 नमूने नकली शराब के पाए जाते हैं। जबकि इनके डब्बे, बोतल पर लगे रैपर और सील असली की तरह होते हैं। मगर बोतल में नकली शराब भरी होती है, जिसे पीने से सेहत पर खराब असर होता है।

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नकली शराब के नमूने की जांच में देरी न हो इसके लिए राज्य सरकार ने भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में प्रयोशाला स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। त्योहार आते ही पुलिस और मद्य निषेध महकमा जितना सक्रिय होता है, उससे कहीं ज्यादा शराब तस्कर पैंतरे बदलकर सक्रिय हो जाते हैं। इसी का नतीजा है कि शराबबंदी वाले बिहार में रोजाना दस-बीस हजार लीटर अवैध शराब बरामद हो रही है। सामने दुर्गा पूजा और दिवाली व काली पूजा का त्योहार है। इसी को लेकर सब अपनी-अपनी तैयारी में हैं। अपर पुलिस महानिदेशक गंगवार कहते हैं कि अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस हर संभव कोशिश करेगी। चेकपोस्ट को अलर्ट किया गया है। और वाहनों, ट्रेनों की चेकिंग सख्ती से की जा रही है।

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