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भागलपुर: समाधान यात्रा लेकर पहुंचे सीएम नीतीश कुमार, जीविका दीदियों से नहीं किया संवाद

गणेशपुर शनिवार को मुख्यमंत्री आने से चमचमा गया था। हरेक घरों के आगे जल के लिए नल रातों रात लगा दी गई थी। पाइप पर पीएचडी लिखा है। पंचायत के वाशिंदें शब्बीर आलम बताते है कि रात में ही नलें लगाई गई है।
Written by: गिरधारी लाल जोशी
Updated: February 12, 2023 04:04 IST
भागलपुर  समाधान यात्रा लेकर पहुंचे सीएम नीतीश कुमार  जीविका दीदियों से नहीं किया संवाद
जीविका दीदियों के स्टाल को देखते सीएम नीतीश कुमार। (फोटो- गिरधारी लाल जोशी)
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समाधान यात्रा के क्रम में शनिवार को भागलपुर आए, लेकिन वे जीविका दीदियों से संवाद नहीं किए। जिले में करीब तीन घंटे रहे। इस दौरान उद्घाटन, जीविका दीदियों के स्टाल और समीक्षा भवन में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर लौट गए। अगला पड़ाव जमुई था। वहां से भी रवाना होकर रात्रि विश्राम पटना में ही है। कहलगांव के भाजपा विधायक ने कहा कि समस्याएं जस की तस है। कहलगांव पीने के पानी के लिए तरस रहा है। गर्मी ने दस्तक दे दी है। समस्याओं का ज्ञापन भी दिया हूं। लेकिन कोई आश्वासन नहीं है। 

मुख्यमंत्री ने ख़िरीबांध पंचायत के गणेशपुर जाकर जीविका दीदियों के लगे स्टाल को देखा। खजूर से बने नीरा के उत्पादों को देखा। कृषि स्टाल, पशुपालन, उद्यान और वाटिका देखी। मनरेगा के श्रम से बने उत्पादों खासकर मशरूम की खेती और उपज देख खुश हुए। शराबबंदी के बाद इनकी खुशहाली देखकर वे गदगद हुए। जीविका के दिए कर्ज से टोटो खरीदकर कमाने से दर्जनों परिवारों की जिंदगी बदल गई। बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ के नारे के पोस्टर लगे थे। इन्हीं पोस्टरों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फोटो के साथ चेतनराम कुशवाहा के फोटो वाले पोस्टर लगे थे। जिसपर लिखा था" अवैध शराब बिक्री हेतु टोल फ्री नंबर और दहेज, विवाह और बाल विवाह के लिए टोल फ्री नंबर।"

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गणेशपुर शनिवार को मुख्यमंत्री आने से चमचमा गया था। हरेक घरों के आगे जल के लिए नल रातों रात लगा दी गई थी। पाइप पर पीएचडी लिखा है। पंचायत के वाशिंदें शब्बीर आलम बताते है कि रात में ही नलें लगाई गई है। पशु घर सीमेंट-बालू से खड़े किए गए है। जो कच्चे है। बिना पानी दिए ये घर टिकाऊ नहीं है। घरों के आगे गमले रखे गए। अलीगंज में दो आश्रय घर बने है। बालक-बालिकाओं के लिए। इनमें उन्हें रखने की व्यवस्था है जिन बच्चों का कोई आश्रय नहीं है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों को बताया, "बिहार के हर जिले में विकास के बहुत काम हुए है। भागलपुर से मेरा नाता पुराना है। जेपी छात्र आंदोलन 1974 में भागलपुर जेल में बंद रहा। भागलपुर बाढ़ के समय पीड़ितों की मदद के लिए आता रहता हूं। बाढ़ बिहार में नेपाल की नदियों की वजह से आती है। हम लोगों की भरसक कोशिश रहती है कि लोग बाढ़ की विभीषिका का शिकार न हो। जितना हो सकता है पीड़ितों की मदद करते है।"

जब उनसे पूछा गया कि भागलपुर हवाई अड्डा मुसाफिरों के लायक कब बनेगा? तो उनका जबाव था कि पहले पूर्णिया तो बन जाने दीजिए। 2017 में तय हुआ था पूर्णिया हवाई अड्डे को बनवाने की बात, लेकिन केंद्र देरी कर रहा है। जमीन बिहार सरकार दे चुकी है। फिर भी देरी पर दुःख है। उन्होंने कहा कि लालूजी इलाज कराकर सिंगापुर से दिल्ली आ चुके है। जल्द पटना आएंगे।

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भागलपुर में समाधान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार योजनाओं का उद्घाटन किया। पहला- अलीगंज में पांच एकड़ में बने सौ-सौ बिस्तरों के आश्रय भवन का निर्माण, दूसरा- आश्रय भवन की छत पर बना सौ केवी के सोलर प्लांट, तीसरा- नवनिर्मित सर्किट हाउस जहां 12 कमरों का तीन मंजिला जिला अतिथि गृह बना है। चौथा- खेल भवन। यह सैंडिस कंपाउंड में 6.61 करोड़ रुपए की लागत से बना है। समाधान यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री संजय झा, अशोक चौधरी, सर्वजीत कुमार, मुख्यसचिव आमिर सुहानी, डीजीपी आरएस भट्टी समेत आधा दर्जन प्रधान सचिव समेत पूरा लाव लश्कर था। 

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