scorecardresearch
For the best experience, open
https://m.jansatta.com
on your mobile browser.

एक्सिस बैंक के अधिकारियों ने तीस लाख ऋण के एवज में मांगा घूस, व्यापारी ने की खुदकुशी की कोशिश

अमरपुर के व्यापारी प्रयाग साह ने एक्सिस बैंक के अधिकारियों द्वारा घूस मांगने पर जहर की गोली खा ली।
Written by: गिरधारी लाल जोशी
Updated: January 03, 2023 07:39 IST
एक्सिस बैंक के अधिकारियों ने तीस लाख ऋण के एवज में मांगा घूस  व्यापारी ने की खुदकुशी की कोशिश
भागलपुर के जेएलएन मेडिकल कालेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती व्यापारी प्रयाग साह। (फोटो-जनसत्‍ता)
Advertisement

पुलिस को वह भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में बेहोशी की हालत में मिला, जहां से उसे जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है। उसके जेब से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें इस बात का खुलसा हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रयाग साह की पत्नी आशा देवी अमरपुर थाना के सलेमपुर ग़ांव के वार्ड पांच की पार्षद हैं। प्रयाग साह सीमेंट- छड़ का व्यापार करता है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

सुसाइड नोट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि व्यापार के लिए भागलपुर स्थित एक्सिस बैंक से तीस लाख रुपए ऋण लेने के लिए आवेदन दिया था। इसके एवज में बैंक के पदाधिकारी के द्वारा कमीशन मांगने से वह दुखी था। कोई उपाय नहीं लगा तो हार कर सल्फास की गोली निगलकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। सैंडिस कंपाउंड में शाम के समय कुछ लोगों ने उन्हें बेहोशी की हालत में जमीन पर गिरा देखकर घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंचकर व्यवसाई को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

Advertisement

बताते हैं कि नाम-पता जानने के लिए पुलिस ने व्यवसाई की जेब को टटोला तो एक सुसाइड नोट मिला। जिसके आधार पर पुलिस मामले की जानकारी व्यवसाई के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन अपने गांव से भागलपुर के अस्पताल पहुंचे। सुसाड नोट में व्यवसाई ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि उनका अमरपुर थानाक्षेत्र के सलेमपुर गांव में छड़ व सीमेन्ट की दुकान है।

व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने भागलपुर में अवस्थित एक्सिस बैंक से तीस लाख रुपये का ऋण लेने का आवेदन किया था। जिसपर बैंक के अधिकारी मदन झा तथा मयंक मनीष उनके गांव आकर उनकी दुकान का निरीक्षण भी किया था। सिक्‍योरिटी के तौर पर बैंक के अधिकारियों ने उनसे दो लाख रुपये भी ले लिया। ऋण की गारंटी के लिए टाटा एआईजी तथा मैक्स प्लस उनकी इंश्‍योरेंस पॉलिसी भी कर दिया।

ऋण की सारी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक के दोनों पदाधिकारी जबरन पांच प्रतिशत कमीशन की मांग करने लगे । कमीशन नहीं देने पर बैंक के दोनों अधिकारियों ने ऋण देने से साफ मना कर दिया। इसी कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगा। सुसाइड नोट में व्यवसायी ने स्पष्ट तौर पर लिखा है कि अगर उन्हें कुछ हो जाता है, तो उनकी मौत के लिए जिम्मेदार बैंक के ये दोनों पदाधिकारी होंगे। खुदकुशी करने वाले व्यापारी की बात में कितनी सच्चाई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Advertisement

Advertisement

Advertisement
Tags :
Advertisement
tlbr_img1 राष्ट्रीय tlbr_img2 ऑडियो tlbr_img3 गैलरी tlbr_img4 वीडियो